विपत्तिनाशका उपाय

भगवान‍्का भेजा हुआ जैसा भी समय आवे, सिर चढ़ाकर भगवान‍्को याद करते हुए हिम्मत तथा सन्तोषके साथ उसे निभाना चाहिये। विपत्तिमें घबरानेसे विपत्ति बढ़ती है। विपत्तिकी परवा न करके भगवान‍्की कृपाके भरोसे अध्यवसाय करनेसे विपत्ति नष्ट हो जाती है। भविष्यको निराशामय देखना तो भगवान् पर अविश्वास करना है। इसलिये बहुत प्रसन्न रहिये। भगवान‍्की कृपापर विश्वास रखिये।