नम्र निवेदन

भाईजी (श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार) के लेखोंका एक और सुन्दर चयन भगवच्चर्चा के नामसे जनताकी सेवामें प्रस्तुत किया जा रहा है। इस संग्रहमें कतिपय स्फुट विषयोंके साथ-साथ कृष्णभक्तोंके लिये अतिशय उपादेय ठोस सामग्रीका समावेश हुआ है। इसमें युगल सरकारकी उपासना और ध्यान, श्रीभगवन्नाम, माखनचोरीका रहस्य, चीरहरण-रहस्य, रासलीलाकी महिमा, व्रजसुन्दरियोंके भगवान् , नादब्रह्म—मोहनकी मुरली, श्रीकृष्णकी नित्य प्रात:क्रिया, अद्भुतकर्मा श्रीकृष्ण, नारदकृत राधास्तवन, श्रीराधिकाजीका उद्धवको उपदेश, श्रीराधाजीके प्रति भगवान् श्रीकृष्णका तत्त्वोपदेश, श्रीकृष्णलीलाके अन्ध-अनुकरणसे हानि, काली कृष्ण, भक्तिका स्वरूप, प्रेमभक्तिमें भगवान् और भक्तका सम्बन्ध आदि ऐसे परमोपयोगी एवं रहस्यपूर्ण विषयोंपर मार्मिक प्रकाश डाला गया है कि जिससे भगवान् श्रीकृष्णके उपासकोंको अपने मार्गमें बड़ी सहायता मिलेगी। साथ-ही-साथ ईश्वर-तत्त्व एवं परम तत्त्वके दो अन्य उपास्य स्वरूपों—भगवान् शिव एवं भगवती शक्तिका भी बड़ी ही सुन्दर एवं शास्त्रानुमोदित शैलीसे विवेचन किया गया है। इस प्रकार पिछले संग्रहोंकी भाँति वर्तमान संग्रह भी जिज्ञासुओंके लिये परमोपयोगी बन गया है। आशा है, इसका भी धर्मप्राण जनता उतने ही चाव एवं आदरके साथ स्वागत करेगी।

चिम्मनलाल गोस्वामी