भगवान् अत्यन्त समीप हैं

विश्वास करो—भगवान् सदा ही तुम्हारे अत्यन्त समीप हैं, तुम्हारी प्रत्येक स्थितिको जानते हैं, तुम्हारी हर एक आवाजको सुनते हैं। बस, विश्वासपूर्वक पुकारनेकी देर है। तुरंत तुम्हारी पुकार सुनेंगे और तुम्हें कष्टोंसे छुड़ा देंगे।

विश्वास करो—भगवान् तुम्हारे परम सुहृद् हैं, निकटसे निकटतम स्वजन हैं। तुम्हारा दु:ख सुनकर वे स्थिर नहीं रह सकेंगे। सच्चे मनसे उन्हें अपना परम सुहृद् समझकर पुकारो, तत्काल तुम्हारी सुनवायी होगी और भगवत्कृपासे तुम दु:खोंसे तर जाओगे।

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विश्वास करो—भगवान् परम दयालु हैं। तुम चाहे कितने ही पतित, कितने ही पातकी और कितने ही घृणित क्यों न हो, भगवान् तुमसे घृणा नहीं कर सकते। इस बातका निश्चय करो और कातर स्वरसे उन्हें पुकारो। वे उसी क्षण तुम्हारी सारी विपत्ति हर लेंगे।

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विश्वास करो—भगवान् परम आश्रय हैं, चाहे, सारा संसार तुम्हें भूल जाय, चाहे घर-परिवारके सभी लोग तुमसे मुख मोड़ लें, चाहे तुम सर्वथा निराश्रय हो जाओ, एक बार हृदयसे उनके परम आश्रय-स्वभावपर विश्वास करके मन-ही-मन उनका स्मरण करो। देखोगे, तुम्हें कितना शीघ्र और कितना मधुर और निश्चित आश्रय मिलता है।

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विश्वास करो—भगवान् सर्वशक्तिमान् हैं, तुम्हारा दु:ख चाहे कितना ही प्रबल हो, तुम्हारे संकट चाहे कितने ही पहाड़-जैसे हों और तुम्हारी विपत्ति चाहे किसीसे भी न टलनेवाली हो, भगवान‍्की शक्तिके सामने सभी तुच्छ हैं। तुम विश्वास करके सर्वशक्तिमान‍्को पुकारो—उनकी शक्ति अविलम्ब तुम्हारी सहायता करेगी और तत्काल तुम्हारे पहाड़-से दु:ख-कष्ट काजलके ढेरकी तरह उड़ जायँगे।

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विश्वास करो—भगवान् सर्वलोकमहेश्वर हैं, ईश्वरोंके महान् ईश्वर हैं। तुमपर कैसे भी नीच कुग्रहकी दशा आयी हो, तुमको कैसा भी प्रबल निकृष्ट कर्म बुरा फल भुगताने आया हो और तुमपर किसी भी महान् देवता या दैत्यका कोप बरसता हो, भगवान‍्को पुकारनेपर ये सभी डरकर हट जायँगे; क्योंकि ये सभी उनके चेरे हैं। इनका उन्हींपर वश चलता है, जो भगवान‍्की सर्वलोकमहेश्वरतापर विश्वास करके उनको नहीं पुकारते।

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विश्वास करो—भगवान् पतितपावन हैं। जैसे सूर्यका स्वभाव ही अंधकारका नाश करना है। चाहे कितना भी गहरा अँधेरा हो, सूर्यके उदय होनेसे कुछ पहले ही मर जाता है, वैसे ही भगवान‍्के नामाभाससे ही पापसमूह नष्ट हो जाते हैं। मनमें इस बातपर श्रद्धा करो और उनके नामका आश्रय लो। फिर देखो, पापोंका कितने अल्प क्षणोंमें ही नाश हो जाता है और यह तो निश्चित ही है कि पाप-नाश होते ही ताप भी नष्ट हो जायँगे, क्योंकि त्रिविध तापके कारण तो ये पाप ही हैं।

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विश्वास करो—भगवान् भयके भी भयदाता और भक्तभयहारी हैं। मृत्यु-देवता यमराज भी उनसे भय करते हैं, परंतु भक्तोंको वे नित्य निर्भय रखते हैं। दम्भ-अहंकार, काम-क्रोध, लोभ-मोह, मद-मत्सर आदि भीतरी शत्रु और रोग-पीड़ा, दानव-मानव, सर्प-सिंह, नाश-निष्फलता आदि बाहरी वैरियोंसे चाहे तुम कितने ही डरे हुए होओ, उनके भक्तभयभंजन विरदपर विश्वास करके ज्यों ही उन्हें पुकारोगे त्यों ही ये सारे शत्रु तुम्हें छोड़कर सटक जायँगे और तुम निर्भय हो जाओगे।

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विश्वास करो—भगवान् परम उदार हैं, तुम चाहे कितने ही दरिद्र हो, कितने अभावग्रस्त हो और कितने ही दीन-हीन हो, विश्वास करके उन लक्ष्मीपतिकी ओर कातर दृष्टिसे देखकर हृदयसे उन्हें पुकारो, तुम्हारे सारे दैन्य-दारिद्रॺको और तुम्हारे सारे अभावोंको हरकर वे तुम्हें तुरन्त निहाल कर देंगे।

विश्वास करो—भगवान् रसमय हैं और प्रेमस्वरूप हैं—तुम चाहे कितने ही शुष्क-हृदय हो, तुम्हारे हृदयमें चाहे कितनी ही नीरसता भरी हो, तुम चाहे प्रेमकी कल्पना भी नहीं कर पाते हो, उनके प्रेमस्वरूपपर विश्वास करके सरल हृदयसे उनके प्रेमकी भिक्षा माँगोगे तो वे अपना दुर्लभ प्रेम देकर तुम्हें कृतार्थ कर देंगे।

विश्वास करो—भगवान् मोक्षके एकमात्र आश्रय और मोक्षस्वरूप हैं। उनके नाम-रूपका चिन्तन करते ही सारे भवबन्धन कट जाते हैं, सारे पाश पटापट टूट जाते हैं। निश्चय करके उनकी शरण ग्रहण करो और सच्ची निर्भयताके साथ उन्हें पुकारो, तुम्हारे अनादि कालके गहरे बन्धन क्षणोंमें कट जायँगे और तुम उनके दुर्लभ मोक्षस्वरूपको पाकर सफल जीवन हो जाओगे।