सच्ची और पक्की बात

यदि आपको दु:ख, अशान्ति, आफत चाहिये तो शरीर-संसार से सम्बन्ध जोड़ लो, उनको अपना मान लो और यदि सुख, शान्ति, आनन्द, मस्ती चाहिये तो परमात्मा से सम्बन्ध जोड़ लो, उनको अपना मान लो। चुनाव आपके हाथ में है!

ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके प्रवचनसे