नम्र निवेदन

परम पूज्य स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज के प्रवचनोंमेंसे कुछ विशेष प्रवचन मूलरूपमें प्रकाशित किये जा रहे हैं। इससे पूर्व भी स्वामीजी महाराजके प्रवचनोंकी कुछ पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। उन पुस्तकोंकी लोकप्रियतासे इस प्रकाशनमें उत्साह और प्रेरणा मिली है। फलस्वरूप प्रस्तुत पुस्तक आपके समक्ष है।

पूज्य स्वामीजी महाराजके प्रवचन बड़े ही मार्मिक, हृदय-स्पर्शी और गम्भीर होते हैं जिन्हें कल्याणकामी सत्संगी भाई, बहिन बड़ी सरलतासे समझ लेते हैं। भगवान् हमारे हैं, उनपर हमारा अधिकार है। संसारसे लोक-व्यवहारकी दृष्टिसे हमारा इतना ही सम्बन्ध है कि हम उसकी यथाशक्ति सेवा कर दें। भगवत्प्राप्ति इसी जीवनमें सम्भव है और अत्यन्त सुलभ है। इन बातोंपर पूज्य स्वामीजी महाराज विशेष बल देते हैं।

आशा है पाठकगण इस पुस्तकका अध्ययन व मनन करके पूरा-पूरा लाभ उठायेंगे।