भगवान्का स्मरण कैसे करें?
१-ऐसे करो, जैसे अफीमची अफीम न मिलनेपर अफीमका स्मरण करता है।
२-ऐसे करो, जैसे मुकद्दमेबाज मुकद्दमेका स्मरण करता है।
३-ऐसे करो, जैसे जुआरी जुएका स्मरण करता है।
४-ऐसे करो, जैसे लोभी धनका स्मरण करता है।
५-ऐसे करो, जैसे कामी कामिनीका स्मरण करता है।
६-ऐसे करो, जैसे शिकारी शिकारका स्मरण करता है।
७-ऐसे करो, जैसे निशानेबाज निशानेका स्मरण करता है।
८-ऐसे करो, जैसे किसान पके खेतका स्मरण करता है।
९-ऐसे करो, जैसे प्याससे व्याकुल मनुष्य जलका स्मरण करता है।
१०-ऐसे करो, जैसे भूखका सताया हुआ मनुष्य भोजनका स्मरण करता है।
११-ऐसे करो, जैसे घर भूला हुआ मनुष्य घरका स्मरण करता है।
१२-ऐसे करो, जैसे बहुत थका हुआ मनुष्य विश्रामका स्मरण करता है।
१३-ऐसे करो, जैसे भयसे कातर मनुष्य शरण देनेवालेका स्मरण करता है।
१४-ऐसे करो, जैसे डूबता हुआ मनुष्य जीवनरक्षाका स्मरण करता है।
१५-ऐसे करो, जैसे दम घुटनेपर मनुष्य वायुका स्मरण करता है।
१६-ऐसे करो, जैसे परीक्षार्थी परीक्षाके विषयका स्मरण करता है।
१७-ऐसे करो, जैसे ताजे पुत्रवियोगसे पीड़िता माता पुत्रका स्मरण करती है।
१८-ऐसे करो, जैसे नवीन विधवा अबला अपने मृत पतिका स्मरण करती है।
१९-ऐसे करो, जैसे घरमें रहनेवाली कुलटा स्त्री अपने जारका स्मरण करती है।
२०-ऐसे करो, जैसे मातृपरायण शिशु माताका स्मरण करता है।
२१-ऐसे करो, जैसे प्रेमी अपने प्रियतम प्रेमास्पदका स्मरण करता है।
२२-ऐसे करो, जैसे पतिव्रता स्त्री अपने पतिका स्मरण करती है।
२३-ऐसे करो, जैसे अन्धकारसे अकुलाये हुए प्राणी प्रकाशका स्मरण करते हैं।
२४-ऐसे करो, जैसे सर्दीसे काँपते हुए मनुष्य अग्निका स्मरण करते हैं।
२५-ऐसे करो, जैसे चकवा-चकवी सूर्यका स्मरण करते हैं।
२६-ऐसे करो, जैसे चातक मेघका स्मरण करता है।
२७-ऐसे करो, जैसे जलसे बिछुड़ी हुई मछली जलका स्मरण करती है।
२८-ऐसे करो, जैसे चकोर चन्द्रमाका स्मरण करता है।
२९-ऐसे करो, जैसे फलकामी पुरुष फलका स्मरण करता है।
३०-ऐसे करो, जैसे मुमुक्षु पुरुष आत्माका स्मरण करता है।
३१-ऐसे करो, जैसे शुद्धहृदय मुमूर्षु पुरुष भगवान्का स्मरण करता है।
३२-ऐसे करो, जैसे योगी पुरुष चेतन ज्योतिका स्मरण करते हैं।
३३-ऐसे करो, जैसे ब्रह्मनिष्ठ ब्रह्मका स्मरण करता है।