नम्र निवेदन

प्रस्तुत पुस्तकमें पूज्यवर स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराजद्वारा जयपुरमें द्वितीय बार चातुर्मास सत्संगके अवसरपर दिये गये विशिष्ट प्रवचनोंका संग्रह है। बीकानेर चातुर्मासका भी एक प्रवचन लिया गया है। ये प्रवचन भगवत्प्राप्तिकी ओर अग्रसर होनेके अभिलाषी सत्संगियों एवं साधकोंके लिये अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं। इनमें गूढ़ तत्त्वोंको बड़ी सरल रीतिसे समझाया गया है। पाठकोंसे निवेदन है कि इन प्रवचनोंका अध्ययन एवं मनन करके इनसे लाभ उठायें।