नम्र निवेदन

सत्संग-प्रेमी सज्जनोंकी सेवामें यह सत्संग-मुक्ताहार पुस्तक प्रस्तुत की जा रही है। इस पुस्तकमें श्रद्धेय श्रीस्वामीजी महाराज के नौ लेखोंका संग्रह है। पाठकोंसे प्रार्थना है कि वे इस मुक्ताहार (मोतियोंकी माला) को हृदयमें धारण करें, हृदयंगम करें और वास्तविक तत्त्वका अनुभव करके अपने मानव-जीवनको सफल बनायें।