भगवन्नाम ही सरल साधन है

मेरी अपनी धारणा तथा अनुभवके अनुसार सर्वोपयोगी सरल साधन श्रीभगवान‍्का नाम है। कलियुगपीड़ित मानवोंके लिये योग, तप, वेदान्त तथा उच्च स्तरकी भक्ति आदि साधन असम्भव नहीं तो अत्यन्त कठिन अवश्य है। उनके लिये तो एक भगवन्नाम ही ऐसा सर्वोपयोगी, सफल एवं सरल साधन है, जिससे सभी साधनोंका फल प्राप्त हो सकता है। यदि भगवन्नामका आश्रय लिया जाय, अभिमान तथा दम्भका परित्याग करके प्राणिमात्रका आदर-सम्मान किया जाय तथा जीवनमें बाहरी दिखावट न हो तो भगवान‍्की कृपासे मनुष्य-जीवन सहज ही सफल हो सकता है। अवश्य ही भगवत्कृपापर विश्वास भी हो तो सोना और सुगन्ध दोनों हैं।