प्यारे यन्त्री!

तेरे बगीचेका यह तुलसी-दल तेरी ही प्रेरणासे तेरे ही इस मूर्ख मालीके द्वारा तेरे सुर-मुनि-पूजित चरणकमलोंमें सादर समर्पित है।

—तेरा ही