श्राद्धमें ब्राह्मण-भोजन आवश्यक है

प्रिय महोदय! सप्रेम हरिस्मरण। आपका कृपापत्र मिला। उत्तरमें निवेदन है कि मृत्युके बारहवें दिन शास्त्रानुसार समस्त क्रियाओंके करनेके पश्चात् ब्राह्मणोंको भोजन कराया जाता है। भोजन विशेष हो या साधारण अथवा कितने ब्राह्मणोंको कराया जाय, यह अपनी-अपनी शक्तिपर निर्भर है। पर वह ब्राह्मण-भोजन श्राद्धका एक अति आवश्यक और अनिवार्य अंग है। इस धार्मिक प्रथाको बंद करनेका प्रयत्न न समाजको करना चाहिये, न सरकारको ही। इस समय अन्नकी कमी है, इसलिये ब्राह्मणोंकी संख्यामें कमी करना तो उचित है; पर श्राद्ध-कर्ममें ब्राह्मण-भोजनको सर्वथा उठा देना अनुचित है। आप ब्राह्मण हैं तो न्यायत: निमन्त्रण मिलनेपर आप श्राद्धभोजन स्वीकार कर सकते हैं। श्राद्धकर्म अत्यन्त आवश्यक है। शेष भगवत्कृपा।